आयुर्वेद की चेतावनी: देर रात जागना और डिजिटल तनाव कैसे बिगाड़ते हैं शरीर की प्राकृतिक शुद्धि प्रक्रिया
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आयुर्वेद चेतावनी: देर रात जागना और स्क्रीन तनाव शरीर के प्राकृतिक डिटॉक्स को बाधित करता है.
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News18•12-03-2026, 11:06
आयुर्वेद चेतावनी: देर रात जागना और स्क्रीन तनाव शरीर के प्राकृतिक डिटॉक्स को बाधित करता है.
•जीवा आयुर्वेद के संस्थापक डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार, देर रात जागना, अनियमित भोजन और लगातार स्क्रीन का उपयोग शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रणाली को कमजोर करता है.
•शरीर की प्राकृतिक लय को बार-बार बाधित करने से थकान, सुस्त त्वचा, ब्रेन फॉग और पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं.
•देर रात जागने से शरीर अपनी प्राकृतिक मरम्मत मोड में नहीं जा पाता, जिससे पाचन धीमा, लगातार थकान, चिड़चिड़ापन और त्वचा संबंधी समस्याएं होती हैं.
•"एल्गोरिथम तनाव" (Algorithm stress) मस्तिष्क को उत्तेजित रखता है, जिससे तंत्रिका तंत्र के लिए आराम मोड में जाना मुश्किल हो जाता है, जो विषहरण के लिए आवश्यक है.
•आयुर्वेद संतुलन बहाल करने के लिए रात 10:30 बजे से पहले सोना, सोने से एक घंटा पहले डिजिटल उपकरणों से दूर रहना और रात का खाना जल्दी खाने जैसे सरल उपाय सुझाता है.