अकेलापन: जीवनशैली संबंधी बीमारियों का अदृश्य उत्प्रेरक, विशेषज्ञ बोले

जीवनशैली
N
News18•03-02-2026, 18:20
अकेलापन: जीवनशैली संबंधी बीमारियों का अदृश्य उत्प्रेरक, विशेषज्ञ बोले
- •अकेलापन एक गंभीर और बढ़ता स्वास्थ्य जोखिम है; भारत में 3 में से 1 युवा वयस्क के पास बात करने वाला कोई नहीं है, और 73% शहरी वरिष्ठ नागरिक अकेलापन महसूस करते हैं।
- •चिकित्सा अध्ययनों से पता चलता है कि अकेलेपन से हृदय रोग का जोखिम 25% और स्ट्रोक का जोखिम 32% बढ़ जाता है।
- •श्रद्धा चतुर्वेदी (GetCompanion) जैसे विशेषज्ञ बताते हैं कि पुराना अकेलापन उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और नींद संबंधी विकारों जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों को बढ़ाता है।
- •नेहा सिन्हा (Epoch Elder Care) के अनुसार, बुजुर्गों में अकेलापन एक चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, जो डिमेंशिया और पार्किंसन रोग को बढ़ा सकता है।
- •निवारक स्वास्थ्य सेवा को अकेलेपन से प्रेरित स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ मानवीय संबंध और भावनात्मक सुरक्षा को शामिल करने के लिए विकसित होना चाहिए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अकेलापन जीवनशैली संबंधी बीमारियों का एक महत्वपूर्ण, कम आंका गया सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
✦
More like this
Loading more articles...





