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News1802-02-2026, 12:43

मुंबई उच्च न्यायालय का अहम फैसला: सोसायटी मेंटेनेंस बकाया वसूली पर कोई समय सीमा नहीं

  • मुंबई उच्च न्यायालय ने सहकारी आवास समितियों में बकाया वसूली को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है.
  • फ्लैट मालिक अक्सर बकाया को 'समय-बाधित' बताते हैं, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम की धारा 154B के तहत वसूली की कोई समय सीमा नहीं है.
  • मेंटेनेंस का भुगतान एक सतत मासिक दायित्व है; प्रत्येक महीने का डिफ़ॉल्ट एक नया डिफ़ॉल्ट है, जिससे बकाया रहने तक कार्रवाई की जा सकती है.
  • अदालत ने फैसला सुनाया कि बकाया की देयता व्यक्तिगत नहीं बल्कि आवासीय इकाई से जुड़ी है, जिससे गैर-सदस्य या बिना पंजीकृत समझौते वाले भी जिम्मेदार होंगे.
  • यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि कोई भी व्यक्ति सुविधाओं का लाभ उठाते हुए मेंटेनेंस का भुगतान करने से इनकार नहीं कर सकता या गैर-सदस्यता का दावा नहीं कर सकता.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुंबई उच्च न्यायालय ने सोसायटी मेंटेनेंस बकाया वसूली पर कोई समय सीमा नहीं होने का फैसला सुनाया.

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