छत्तीसगढ़ का जगन्नाथ पुरी शिवरीनारायण धाम
जांजगीर
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News1802-02-2026, 11:37

शबरी-राम की अनसुनी कथा: शबरी ने मांगा था अनोखा वरदान, शिवरीनारायण धाम में मेला

  • जांजगीर-चांपा जिले का शिवरीनारायण धाम 'मंदिरों की नगरी' और 'छत्तीसगढ़ का जगन्नाथ पुरी' कहलाता है, जहां माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक मेला लगता है.
  • यह धाम माता शबरी की जन्मस्थली है, जिसमें माता शबरी और भगवान नारायण के दो मुख्य मंदिर हैं, भगवान नारायण को शबरी नारायण भगवान कहा जाता है.
  • मंदिर में स्थापित भगवान नारायण की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी, जिसे भगवान जगन्नाथ की मूल मूर्ति माना जाता है, जिनकी प्राण प्रतिष्ठा जगन्नाथ पुरी में हुई थी.
  • मान्यता है कि माघ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ एक दिन के लिए शिवरीनारायण धाम में निवास करते हैं, जिसके उपलक्ष्य में 15 दिवसीय मेला लगता है.
  • शबरी, जो मूल रूप से शबर आदिवासी समुदाय की राजकुमारी थीं, ने मातंग मुनि की सेवा की और भगवान राम को जूठे बेर खिलाए, जिसके बाद राम ने उन्हें अपने नाम के साथ उनका नाम जोड़ने का वरदान दिया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शिवरीनारायण धाम माता शबरी की भक्ति और भगवान राम के आगमन का जश्न मनाता है, एक अनोखे वरदान को उजागर करता है.

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