हजारीबाग श्मशान काली में 5 साल पर यह पूजा होती है. गर्भगृह में मां मातंगी की प्रतिमा स्थापित कर तांत्रिक पूजा करते हैं.
हजारीबाग
N
News1824-01-2026, 15:35

माता मातंगी: मुंड, कृपाण, वीणा धारण करने वाली तांत्रिक सरस्वती, पर नहीं देतीं आशीर्वाद

  • हजारीबाग श्मशान काली मंदिर में तांत्रिकों द्वारा 'तांत्रिकों की मां सरस्वती' माता मातंगी की पूजा की जा रही है.
  • यह विशेष पूजा हर पांच साल में एक बार होती है और माना जाता है कि इसे केवल तांत्रिक ही कर सकते हैं, जो इसे सामान्य पूजा से अलग बनाती है.
  • माता मातंगी दस महाविद्याओं में नौवीं हैं और ज्ञान, वाणी, कला तथा तांत्रिक साधनाओं की देवी मानी जाती हैं.
  • चार भुजाओं वाली माता मातंगी की मूर्ति में एक हाथ में कृपाण, दूसरे में मुंड, तीसरे में कटार और चौथे में वीणा है, लेकिन कोई भी हाथ आशीर्वाद मुद्रा में नहीं है.
  • मां को भोग डोम राजा द्वारा चढ़ाया जाता है, जो श्मशान घाट से मंदिर परिसर में आए थे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हजारीबाग श्मशान काली मंदिर में तांत्रिकों द्वारा ज्ञान की तांत्रिक देवी माता मातंगी की अनूठी पूजा की जा रही है.

More like this

Loading more articles...