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News1809-02-2026, 16:06

बनारस की मूरत कला दिल्ली में चमकी, अशोक सिंह की पत्थर नक्काशी को मिला GI टैग और सरकारी पहचान.

  • बनारस के 69 वर्षीय अशोक कुमार सिंह अपनी पीढ़ियों पुरानी 'मूरत कला' (पत्थर नक्काशी) की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं.
  • इस कला में मध्य प्रदेश की खोराई खदान से प्राप्त सोपस्टोन का उपयोग होता है, जो जटिल नक्काशी के लिए आदर्श है.
  • मशीनें सहायक हैं, लेकिन कला का असली सार हाथ की नक्काशी में है, जिसमें हाथी और जाली का काम अत्यधिक लोकप्रिय है.
  • महिलाएं सफाई, पॉलिशिंग और पैकिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल होकर परिवार को इस शिल्प से जोड़े रखती हैं.
  • अशोक कुमार सिंह को 2003-04 में राज्य पुरस्कार, 2023 में GI टैग और PM विश्वकर्मा योजना के तहत सहायता मिली है.

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