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News1812-02-2026, 11:27

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पुनर्विकास में बहुमत का निर्णय सर्वोपरि, अल्पसंख्यक विरोध नहीं चलेगा.

  • मुंबई हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि जर्जर इमारतों के पुनर्विकास में बहुमत के कानूनी निर्णय को अल्पसंख्यक का विरोध रद्द नहीं कर सकता.
  • अदालत ने पांच अल्पसंख्यक किरायेदारों द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी, जिससे माटुंगा पूर्व में लगभग 80 साल पुरानी इमारत के पुनर्विकास का रास्ता साफ हो गया.
  • बुद्धिसागर कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की 14 फ्लैट वाली इमारत जर्जर हालत में थी, जिसके लिए पुनर्विकास प्रस्ताव रखा गया था.
  • सात परिवारों ने सहमति व्यक्त की और अपने फ्लैट खाली कर दिए, लेकिन पांच किरायेदारों ने MHADA द्वारा जारी बेदखली नोटिस को चुनौती दी.
  • न्यायमूर्ति जी. एस. कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे ने सार्वजनिक सुरक्षा और सामूहिक हित को व्यक्तिगत आपत्तियों से ऊपर रखा, MHADA के नोटिस और बहुमत के निर्णय को बरकरार रखा.

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