कुल्लू के झिड़ी में वैरागी समुदाय ने मनाई पारंपरिक होली, मुरलीधर मंदिर में गाए गीत.

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News18•01-03-2026, 18:21
कुल्लू के झिड़ी में वैरागी समुदाय ने मनाई पारंपरिक होली, मुरलीधर मंदिर में गाए गीत.
- •हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में वैरागी समुदाय बिना हुड़दंग या पार्टी के पारंपरिक तरीके से होली मनाता है.
- •होली का उत्सव होलाष्टक के दौरान शुरू होता है, जिसमें समुदाय के सदस्य झिड़ी में अपने गुरु के आश्रम में इकट्ठा होते हैं.
- •इस परंपरा में 40 दिनों तक झांझ और डफ जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ ब्रज और अवधी भाषाओं में होली के गीत गाए जाते हैं.
- •वैरागी बड़े-बुजुर्गों के पैरों पर और बच्चों के कंधों/सिर पर गुलाल लगाकर एक अनोखा, सम्मानजनक उत्सव मनाते हैं.
- •यह सदियों पुरानी परंपरा भगवान रघुनाथ के आगमन के साथ कुल्लू में आई और एक पोषित सांस्कृतिक प्रथा बनी हुई है.
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