बागेश्वर की 116 साल पुरानी होली: दिन में रंग, रात में राग की अनोखी परंपरा.

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News18•04-03-2026, 10:16
बागेश्वर की 116 साल पुरानी होली: दिन में रंग, रात में राग की अनोखी परंपरा.
- •उत्तराखंड के बागेश्वर में पंतक्वैराली और आरे गांवों में 116 साल पुरानी अनूठी होली परंपरा मनाई जाती है.
- •होली रंगभरी एकादशी से शुरू होती है, जिसमें बैठकी और खड़ी होली के साथ दिन में अलग-अलग समूहों में गीत गाए जाते हैं.
- •ग्रामीण बाबा बागनाथ मंदिर में अबीर चढ़ाकर समृद्धि की प्रार्थना करते हैं, फिर रंग खेलना और होली गायन शुरू होता है.
- •रात की होली में ग्रामीण अलाव के चारों ओर इकट्ठा होकर लोकगीत गाते हैं, जिससे खुशी और उत्साह का माहौल बनता है.
- •यह परंपरा सामाजिक एकता, भाईचारे और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत सौंपने का प्रतीक है.
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