आयुर्वेद के 6 रस: विटामिन की गोलियां छोड़ें, संतुलित आहार से पाएं प्राकृतिक स्वास्थ्य

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News18•22-01-2026, 16:41
आयुर्वेद के 6 रस: विटामिन की गोलियां छोड़ें, संतुलित आहार से पाएं प्राकृतिक स्वास्थ्य
- •बिलासपुर के आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मनोज भगत के अनुसार, विटामिन और खनिज की कमी दवाइयों से नहीं, बल्कि संतुलित आहार से पूरी होती है.
- •आयुर्वेद में 6 प्रमुख रस - मधुर, अम्ल, लवण, कटु, तिक्त और कषाय - बताए गए हैं, जिन्हें दैनिक भोजन में शामिल करना महत्वपूर्ण है.
- •गलत खान-पान, एकतरफा भोजन और फास्ट फूड के कारण शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिलते, जिससे कमजोरी और कम प्रतिरक्षा होती है.
- •प्रत्येक रस वात, पित्त और कफ दोषों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है; शरीर में असंतुलन और बीमारियों से बचने के लिए संतुलित सेवन आवश्यक है.
- •सभी 6 रसों को सही अनुपात में आहार में शामिल करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे सप्लीमेंट्स पर निर्भरता कम होती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आयुर्वेद के 6 रसों को अपने आहार में शामिल कर प्राकृतिक स्वास्थ्य, मजबूत प्रतिरक्षा पाएं और विटामिन की गोलियों से बचें.
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