रील्स की लत: युवाओं में गर्दन दर्द और तंत्रिका क्षति का बढ़ता खतरा

जीवनशैली
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News18•27-01-2026, 19:47
रील्स की लत: युवाओं में गर्दन दर्द और तंत्रिका क्षति का बढ़ता खतरा
- •मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग, विशेषकर रील्स देखने की आदत, युवाओं में गर्दन दर्द और सर्वाइकल समस्याओं का कारण बन रही है.
- •फोन देखते समय सिर को आगे झुकाने से गर्दन की मांसपेशियों, नसों और हड्डियों पर दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिससे सर्वाइकल स्पाइन कमजोर होती है.
- •रील्स देखते समय लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से मांसपेशियों में अकड़न और दर्द होता है, जो कंधों और बाजुओं तक फैल सकता है.
- •यह आदत न केवल गर्दन बल्कि पूरी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है, जिससे समय पर ध्यान न देने पर सर्वाइकल स्पाइन डिसऑर्डर हो सकता है.
- •शारीरिक दर्द के अलावा, रील्स से लगातार स्क्रीन टाइम आंखों में खिंचाव, सिरदर्द, चक्कर आना और नसों पर दबाव का कारण बन सकता है, जिसके लिए चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रील्स की अत्यधिक लत गर्दन दर्द, तंत्रिका क्षति और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं का कारण बन रही है, जिससे मुद्रा और स्क्रीन समय पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है.
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