ग्वालियर हाई कोर्ट का अनोखा फैसला: अपील में देरी पर जुर्माना नहीं, सेवा का संदेश

ग्वालियर
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News18•12-01-2026, 09:07
ग्वालियर हाई कोर्ट का अनोखा फैसला: अपील में देरी पर जुर्माना नहीं, सेवा का संदेश
- •ग्वालियर हाई कोर्ट ने अपील दाखिल करने में 156 दिन की देरी को बिना जुर्माना या फटकार के माफ किया.
- •कोर्ट ने आवेदक के वकील को माधव ब्लाइंड आश्रम जाकर एक घंटा बिताने और 3500 रुपये के खाद्य पदार्थ देने का निर्देश दिया.
- •न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने 9 जनवरी को यह आदेश पारित किया, जिसमें सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया गया.
- •अदालत ने स्पष्ट किया कि यह सजा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर है.
- •यह फैसला दर्शाता है कि न्याय केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी भी शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ग्वालियर हाई कोर्ट ने अपील में देरी पर जुर्माने की बजाय सामाजिक सेवा को प्राथमिकता दी, एक मानवीय मिसाल कायम की.
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