बुरहानपुर में मुगलकालीन तांगे आज भी जीवंत, 200 परिवारों की रोजी-रोटी.

बुरहानपुर
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News18•16-12-2025, 14:55
बुरहानपुर में मुगलकालीन तांगे आज भी जीवंत, 200 परिवारों की रोजी-रोटी.
- •मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में मुगलकालीन तांगे आज भी चल रहे हैं, जो 400 साल पुरानी परंपरा है.
- •ये तांगे 150-200 परिवारों की आजीविका का साधन हैं; पहले 500 परिवार इससे जुड़े थे.
- •राजाओं और विदेशी पर्यटकों द्वारा पसंद किए जाने वाले ये तांगे अपनी धीमी गति के लिए प्रसिद्ध हैं.
- •तांगा संचालक इस विरासत को बचाने के लिए घोड़ों की खरीद पर सरकारी सब्सिडी की मांग कर रहे हैं.
- •इतिहासकार नौशाद सर ने बुरहानपुर में घोड़ों और तांगों के मुगलकालीन संबंध की पुष्टि की है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बुरहानपुर के मुगलकालीन तांगे एक जीवित विरासत हैं, जो परिवारों को सहारा देते हैं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.
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