खंडवा की पहचान बनी सिरपुर की इमरती: गुमटी से रेस्टोरेंट तक का सफर

खंडवा
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News18•26-01-2026, 16:50
खंडवा की पहचान बनी सिरपुर की इमरती: गुमटी से रेस्टोरेंट तक का सफर
- •खंडवा से 7 किमी दूर सिरपुर गांव की इमरती जिले की पहचान बन गई है, जिसे खाने लोग दूर-दूर से आते हैं.
- •जयश्री रेस्टोरेंट, जिसकी शुरुआत कृष्णा चौधरी ने 2000 में एक छोटी चाय-पान की गुमटी से की थी, 2013 तक एक प्रसिद्ध भोजनालय में बदल गया.
- •मालिक सतीश चौधरी शुद्ध और पारंपरिक तैयारी विधि पर जोर देते हैं, जिसमें घर पर दाल पीसना शामिल है, जिससे स्वाद में निरंतरता बनी रहती है.
- •इमरती को उसकी कुरकुरी बनावट, संतुलित मिठास और प्रामाणिक स्वाद के लिए सराहा जाता है, जो वर्षों से अपनी गुणवत्ता बनाए हुए है.
- •प्रतिदिन 6,000 से अधिक इमरतियां बिकती हैं, त्योहारों और विशेष अवसरों पर मांग और बढ़ जाती है, जिससे अक्सर दोपहर तक स्टॉक खत्म हो जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सिरपुर के जयश्री रेस्टोरेंट की पारंपरिक इमरती ने अपनी पहचान बनाई है, जो दूर-दूर से ग्राहकों को आकर्षित करती है.
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