তাঁত
दक्षिण बंगाल
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News1816-12-2025, 16:24

पावरलूम के दबाव में 'ठक-ठक' ध्वनि खामोश: एक परिवार बचा रहा तांतीपाड़ा की विरासत.

  • पूर्वी बर्दवान के नंदुर में तांतीपाड़ा, जो कभी हथकरघा उद्योग के लिए जाना जाता था, अब गिरावट का सामना कर रहा है.
  • पावरलूम के बढ़ते प्रभाव के कारण हथकरघा की पारंपरिक 'ठक-ठक' ध्वनि अब सुनाई नहीं देती.
  • लगभग चालीस परिवारों में से, वर्तमान में केवल एक परिवार तांतीपाड़ा में हथकरघा शिल्प को जारी रखे हुए है.
  • हथकरघा कलाकार धनंजय गुई, 50 साल बाद, अब कम कमाई के कारण साड़ियों की बजाय खादी कपड़े बनाते हैं.
  • युवा पीढ़ी इस शिल्प में कोई रुचि नहीं दिखा रही है, जिससे गांव की कलात्मक विरासत खतरे में है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पूर्वी बर्दवान में एक परिवार पावरलूम के खिलाफ हथकरघा की लुप्त होती परंपरा को बचाने का प्रयास कर रहा है.

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