जन्म देने का अधिकार केवल महिला को. केवल उसकी सहमती जरूरी. (सांकेतोिक फोटो)
अमृतसर
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News1801-01-2026, 13:56

हाई कोर्ट: पति की सहमति के बिना पत्नी करा सकती है गर्भपात, 'सिर्फ महिला की मर्जी मायने रखती है'.

  • पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि विवाहित महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है.
  • कोर्ट ने जोर दिया कि ऐसे फैसलों में "सिर्फ महिला की मर्जी मायने रखती है", प्रजनन अधिकारों को बरकरार रखा.
  • पति से अलग रह रही और तलाक की कार्यवाही से गुजर रही 21 वर्षीय महिला ने 16 सप्ताह के गर्भ के लिए गर्भपात की मांग की थी.
  • PGIMER Chandigarh के मेडिकल बोर्ड ने तलाक के कारण डिप्रेशन का जिक्र करते हुए उसे गर्भपात के लिए फिट बताया.
  • जस्टिस सुवीर सहगल की बेंच ने MTP Act का हवाला दिया, 20 सप्ताह से कम के गर्भपात की अनुमति दी और महिला को मंजूरी दी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हाई कोर्ट ने गर्भपात पर महिला के अकेले निर्णय लेने के अधिकार को पति की सहमति के बिना भी बरकरार रखा.

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