जौहरी लाल इंदु: धौलपुर के गुमनाम नायक जिन्होंने भारत की आजादी के लिए दमन का विरोध किया

धौलपुर
N
News18•25-01-2026, 15:34
जौहरी लाल इंदु: धौलपुर के गुमनाम नायक जिन्होंने भारत की आजादी के लिए दमन का विरोध किया
- •धौलपुर में 1887 में जन्मे जौहरी लाल इंदु एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अपनी अटूट देशभक्ति से युवाओं को प्रेरित किया.
- •उन्होंने 1936 में ब्रिटिश और धौलपुर रियासत द्वारा लगाए गए व्यापार कर के खिलाफ एक ऐतिहासिक जन आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप 12 दिनों तक शहर बंद रहा.
- •निर्वासित होने और बाद में आठ साल के लिए कैद होने के बावजूद, इंदु ने माफी मांगने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि वह आजादी के लिए मरने को तैयार हैं.
- •उन्होंने जेल में गंभीर यातनाएं सहीं लेकिन अंग्रेजों या रियासती अधिकारियों के सामने कभी नहीं झुके.
- •रिहाई के बाद, उन्होंने धौलपुर प्रजामंडल के साथ सक्रिय रूप से काम किया, एक राष्ट्रीय पुस्तकालय की स्थापना की और स्वतंत्रता के बाद धौलपुर कांग्रेस के अध्यक्ष बने.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: जौहरी लाल इंदु का जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में साहस और बलिदान का प्रतीक है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करता है.
✦
More like this
Loading more articles...





