बरेली का विश्व प्रसिद्ध मांझा चीनी घुसपैठ और उपेक्षा के कारण विलुप्त होने के कगार पर
बरेली
N
News1802-02-2026, 10:44

बरेली का विश्व प्रसिद्ध मांझा चीनी घुसपैठ और उपेक्षा के कारण विलुप्त होने के कगार पर

  • बरेली का 200 साल पुराना सूती पतंग का मांझा, जो अपनी ताकत के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है, गंभीर संकट का सामना कर रहा है.
  • महान कारीगरों द्वारा तैयार किया गया यह पारंपरिक मांझा कनाडा से लेकर खाड़ी देशों तक में प्रसिद्ध है.
  • इसे बनाने की जटिल प्रक्रिया में उबले हुए चावल, पिसे हुए कांच (या लाल पत्थर का पाउडर), साबूदाना और जड़ी-बूटियों का एक विशेष पेस्ट शामिल होता है.
  • यह उद्योग सस्ते 'चीनी' नायलॉन मांझे के प्रवाह के कारण संघर्ष कर रहा है, जो पारंपरिक मांझे से 70% सस्ता है.
  • उच्च जीएसटी, बढ़ती कच्चे माल की लागत और प्रशासनिक छापे पारंपरिक कारीगरों पर और बोझ डाल रहे हैं, जिससे वे अस्तित्व के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहे हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बरेली का प्रतिष्ठित मांझा उद्योग सस्ते आयात और आर्थिक दबावों के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है.

More like this

Loading more articles...