उत्तराखंड का घुघुतिया पर्व: बच्चों और कौवों का अनूठा उत्सव, जानिए महत्व

पिथौरागढ़
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News18•14-01-2026, 17:15
उत्तराखंड का घुघुतिया पर्व: बच्चों और कौवों का अनूठा उत्सव, जानिए महत्व
- •घुघुतिया पर्व, जिसे घी त्यार भी कहते हैं, उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मकर संक्रांति पर मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक पर्व है.
- •यह पर्व बच्चों से जुड़ा है, जिसमें गेहूं के आटे और गुड़ से बनी विशेष घुघुती मिठाइयों की माला बच्चों के गले में पहनाई जाती है.
- •एक लोककथा के अनुसार, यह पर्व राजा कल्याण चंद के बेटे निर्भय चंद (घुघुती) को एक कौवे द्वारा बचाए जाने की घटना से जुड़ा है.
- •पर्व की तैयारी में घुघुती और उड़द दाल की पूरियां बनाई जाती हैं, जिन्हें बच्चे "काले कौआ काले, घुघुती माला खाले" गाते हुए कौवों को खिलाते हैं.
- •यह पर्व सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक एकता और बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का संदेश देता है, जो प्रेम, करुणा और पर्यावरण संतुलन पर जोर देता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: उत्तराखंड का घुघुतिया पर्व मकर संक्रांति पर बच्चों, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत का एक जीवंत उत्सव है.
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