भेड़ के ऊन से से बुनी ये पहाड़ी पंखी शाल
N
News1815-02-2026, 19:53

पहाड़ों की पहचान 'पंखी' शॉल: दुल्हन के लिए शुभ, ठंड से बचाती है यह ऊनी शॉल.

  • भेड़ के ऊन से बनी 'पंखी' शॉल पहाड़ों में अत्यधिक उपयोगी मानी जाती है, जो प्राचीन काल से ठंड से बचाव का विश्वसनीय साधन है.
  • यह हल्की होने के बावजूद बेहद गर्म होती है, जिससे लोग इसे दिनभर के कामों में आसानी से पहनते हैं, चाहे घर का काम हो या खेतों में.
  • स्थानीय कारीगरों द्वारा हाथ से बुनी गई यह शॉल कड़ी मेहनत का प्रतीक है और 1000 से 2000 रुपये में किफायती दाम पर उपलब्ध है.
  • भोटिया संस्कृति में 'पंखी' शॉल को अत्यंत शुभ माना जाता है और दुल्हन को विदाई के समय दी जाती है, जो सौभाग्य का प्रतीक है.
  • आधुनिक शॉल के बावजूद, 'पंखी' अपनी प्रामाणिकता, स्थायित्व और पहाड़ी जड़ों से जुड़ाव के कारण नई पीढ़ी में भी लोकप्रिय है.

More like this

Loading more articles...