पति की नौकरी खतरे में डालना भी क्रूरता: हाईकोर्ट ने CISF जवान को झूठे मामले में फंसाने वाली पत्नी पर की सख्त कार्रवाई.
पति की नौकरी खतरे में डालना क्रूरता, हाईकोर्ट ने CISF जवान को झूठे केस में फंसाने वाली पत्नी को किया टाइट.
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News18•10-03-2026, 18:51
पति की नौकरी खतरे में डालना क्रूरता, हाईकोर्ट ने CISF जवान को झूठे केस में फंसाने वाली पत्नी को किया टाइट.
•कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि पति की नौकरी को खतरे में डालने वाले निराधार आरोप मानसिक क्रूरता हैं, खासकर CISF जैसी अनुशासित सेना में.
•कोर्ट ने CISF जवान को तलाक दिया, उसकी पत्नी के अवैध संबंध और बेटी की हत्या के प्रयास के झूठे आरोपों को खारिज कर दिया.
•पत्नी के आरोप विरोधाभासी पाए गए; उसने उत्पीड़न का दावा उस तारीख पर किया जब वह ससुराल में नहीं थी और अवैध संबंधों का कोई सबूत नहीं दिया.
•दंपति 8 साल से अलग रह रहे हैं और सुलह की कोई इच्छा नहीं है, जो शादी के पूरी तरह से टूटने का संकेत है.
•यह फैसला एक मिसाल कायम करता है, बिना सबूत के झूठे आरोपों को 'क्रूरता' मानता है, तलाक के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है और अनुशासित सेवाओं में करियर की रक्षा करता है.