संपत्ति विवाद से बचें: बेटियों को समान अधिकार, जानें कानून.

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News18•14-12-2025, 12:38
संपत्ति विवाद से बचें: बेटियों को समान अधिकार, जानें कानून.
- •भारत में संपत्ति विवाद अक्सर पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करते हैं; हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 जैसे कानूनों को समझना महत्वपूर्ण है.
- •हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के लोगों पर लागू होता है, जो मृत्यु के बाद संपत्ति के वितरण को नियंत्रित करता है.
- •कानून के तहत, यदि कोई वसीयत नहीं है, तो संपत्ति कानूनी वारिसों में विभाजित होती है; पहली श्रेणी में बेटा, बेटी, पत्नी और माँ शामिल हैं.
- •2005 के संशोधन ने बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार दिए, उन्हें जन्म से सह-भागीदार बनाया.
- •विवादों से बचने के लिए वसीयत बनाना और ₹100 से अधिक की अचल संपत्ति के लिए दस्तावेजों का पंजीकरण कानूनी रूप से वैध और महत्वपूर्ण है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पारिवारिक संपत्ति विवादों से बचने के लिए यह कानूनी ज्ञान आवश्यक है.
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