सरस्वती पूजा 2026 भोग: उत्तर भारतीय और बंगाली परंपराओं में अंतर जानें

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News18•22-01-2026, 06:02
सरस्वती पूजा 2026 भोग: उत्तर भारतीय और बंगाली परंपराओं में अंतर जानें
- •सरस्वती पूजा का भोग सात्विक होता है, जिसमें लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं किया जाता है.
- •उत्तर भारत में बसंत पंचमी के रूप में मनाई जाने वाली पूजा में केसरिया हलवा और पीले चावल जैसे पीले रंग के व्यंजन प्रमुख होते हैं.
- •बंगाली भोग में खिचड़ी (सुगंधित चावल और मूंग दाल) और लाबरा (मिली-जुली सब्जी) जैसे पारंपरिक व्यंजन मुख्य होते हैं.
- •उत्तर भारतीय भोग में हलवा, पूरी और खीर अधिक प्रचलित हैं, जबकि बंगाली भोग में खिचड़ी, लाबरा और पायेश की प्रधानता है.
- •दोनों परंपराओं में भोग बनाते समय स्वच्छता और शांत मन का विशेष ध्यान रखा जाता है, और पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सरस्वती पूजा के भोग की परंपराएं उत्तर भारत और बंगाल में भिन्न हैं, जो क्षेत्रीय स्वाद दर्शाती हैं.
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