चोल साम्राज्य का जासूसी नेटवर्क 'ओरुक्कु' या 'उपचारक' नाम से जाना जाता था. जासूस दो श्रेणियों में बंटे थे अंतःपुर और बहिःपुर. 990 ईस्वी के आसपास विशेष दल श्रीलंका भेजे गए. वे व्यापारी बनकर पहुंचे. कुछ बौद्ध भिक्षु के रूप में, कुछ नाविक और कुछ मछुआरे के रूप में. तीन साल तक वे अनुराधापुर की गलियों में घुले-मिले रहे. उन्होंने किले की कमजोर दीवारें नोट कीं. सेना की तैनाती गिनी. बंदरगाहों पर जहाजों की संख्या दर्ज की. यहां तक कि स्थानीय असंतोष का आकलन भी किया.
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News1804-03-2026, 11:37

प्राचीन भारत के 'जेम्स बॉन्ड' राजा राजा चोल I ने जासूसों से जीती लंका.

  • राजा राजा चोल I, जिन्हें 'जेम्स बॉन्ड किंग' कहा जाता है, ने 993 ईस्वी में जासूसी नेटवर्क से श्रीलंका के अनुराधापुरा पर कब्जा किया.
  • उनके 'ओरुक्कू' या 'उपचारक' खुफिया तंत्र ने 500 जासूसों को व्यापारी, भिक्षु और नाविक के वेश में तैनात किया.
  • जासूसों ने तीन साल तक अनुराधापुरा की कमजोर दीवारों, सेना और स्थानीय असंतोष पर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई.
  • खुफिया जानकारी के आधार पर चोल नौसेना ने हमला किया, जिससे उत्तरी श्रीलंका बिना किसी बड़ी लड़ाई के चोल साम्राज्य का हिस्सा बन गया.
  • इस जीत ने पोलोन्नारुवा को नई राजधानी 'इलमंडलम' बनाया और सूचना व नौसैनिक रणनीति की शक्ति को प्रदर्शित किया.

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