অতীতে বাঙালি হেঁশেলে মাংস মানেই ছিল পাঁঠা বা খাসির মাংস৷ কিন্তু এখন পাঁঠার মাংসের জায়গায় দাপট চিকেনের৷ কম দাম এবং পুষ্টিমূল্যের জন্য চিকেনের প্রচলন বেড়ে গিয়েছে অনেকটাই৷
जीवनशैली
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News1805-01-2026, 19:26

मटन को लेकर भ्रम दूर! क्या खसी का मांस सच में हानिकारक है?

  • चिकित्सक नारायण बंद्योपाध्याय ने खसी के मांस के सेवन से जुड़े भ्रमों को दूर किया है.
  • उन्होंने बताया कि खसी के मांस को स्वाभाविक रूप से हानिकारक मानना पूरी तरह गलत है.
  • यह लाल मांस ल्यूसीन नामक अमीनो एसिड से भरपूर है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, और इसमें सफेद मांस से अधिक आयरन होता है.
  • स्वस्थ, युवा और रोगमुक्त व्यक्ति प्रति सप्ताह 500 ग्राम तक खसी का मांस सुरक्षित रूप से खा सकते हैं.
  • डॉ. नारायण का उद्देश्य इस गलत धारणा को दूर करना है कि लाल मांस होने के कारण मटन स्वास्थ्य के लिए बहुत बुरा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विशेषज्ञ नारायण बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया कि खसी का मांस स्वाभाविक रूप से हानिकारक नहीं है और सुरक्षित रूप से खाया जा सकता है.

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