बांझपन: कम शुक्राणु संख्या का क्या मतलब है? डॉक्टर ने दी दंपतियों को सलाह.

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News18•25-02-2026, 14:27
बांझपन: कम शुक्राणु संख्या का क्या मतलब है? डॉक्टर ने दी दंपतियों को सलाह.
- •जीवनशैली में बदलाव, देर से शादी, तनाव और पर्यावरणीय कारकों के कारण बांझपन बढ़ रहा है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर रहा है.
- •महिलाओं में बांझपन के मुद्दों में अंडे की गुणवत्ता में कमी, PCOD, एंडोमेट्रियोसिस और अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब शामिल हैं, खासकर 35 के बाद.
- •पुरुषों में बांझपन के कारकों में कम शुक्राणु संख्या/गतिशीलता, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान, शराब और मोटापा शामिल हैं.
- •गर्भाधान के लिए, 40-300 मिलियन शुक्राणु/मिलीलीटर सामान्य है; 10-20 मिलियन/मिलीलीटर को 'कम शुक्राणु संख्या' माना जाता है. गर्भावस्था के लिए 30 मिलियन/मिलीलीटर से अधिक आदर्श है.
- •शुक्राणु संख्या बढ़ाने के लिए: वजन कम करें, स्वस्थ भोजन करें (हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, प्रोटीन), व्यायाम करें, धूम्रपान/शराब से बचें, तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें.
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