যাদের অ্যালার্জি বা ত্বকের প্রতিক্রিয়া আছে তাদেরও পেঁপে এড়িয়ে চলা উচিত। পেঁপেতে উপস্থিত প্যাপেইন এনজাইমের কারণে কিছু লোক অ্যালার্জির প্রতিক্রিয়া বা চুলকানি অনুভব করতে পারে। এর ফলে ত্বকে ফুসকুড়ি, ফোলাভাব বা জ্বালা হতে পারে। পেঁপে খাওয়ার পরে যদি আপনি এই লক্ষণগুলি অনুভব করেন, তাহলে অবিলম্বে এটি খাওয়া বন্ধ করুন এবং একজন ডাক্তারের সাথে পরামর্শ করুন। থাইরয়েড বা রক্ত ​​পাতলা করার ওষুধ গ্রহণকারী ব্যক্তিদেরও পেঁপে খাওয়ার সময় সতর্কতা অবলম্বন করা উচিত। পেঁপেতে থাকা উপাদানগুলি কিছু ওষুধের কার্যকারিতা হ্রাস করতে পারে বা তাদের সাথে প্রতিক্রিয়া দেখাতে পারে। অতএব, এই জাতীয় রোগীদের তাদের ডাক্তারের পরামর্শ ছাড়া পেঁপে খাওয়া উচিত নয়।
जीवनशैली
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News1815-12-2025, 13:25

रात में पपीता खाना चाहिए या नहीं? जानें फायदे और नुकसान.

  • पपीता विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और पपैन एंजाइम से भरपूर होता है, जो पाचन में मदद करता है.
  • रात में पपीता सीमित मात्रा (100-150 ग्राम) में खाना सुरक्षित है और यह पाचन में सहायक हो सकता है, बशर्ते पेट संबंधी कोई समस्या न हो.
  • गर्भवती महिलाओं, पाचन संबंधी समस्याओं वाले लोगों, कुछ दवाएं लेने वालों और किडनी स्टोन के जोखिम वाले व्यक्तियों को पपीता खाने से बचना चाहिए.
  • मधुमेह रोगियों के लिए पपीता मध्यम मात्रा में सुरक्षित है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और फाइबर रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पपीता कब और कैसे खाएं, यह जानना आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है.

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