सिंगोड़ी मिठाई
जीवनशैली
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News1819-01-2026, 17:00

अल्मोड़ा की खास मिठास: बाल मिठाई के अलावा पत्ते में लिपटी सिंगोड़ी का स्वाद है लाजवाब

  • सिंगोड़ी उत्तराखंड, खासकर अल्मोड़ा की एक पारंपरिक और लोकप्रिय मिठाई है, जो अपने अनूठे स्वाद और पत्ते में परोसने के तरीके के लिए जानी जाती है.
  • यह खोया, चीनी, इलायची और नारियल से बनती है, जिसे मालू या रोनी के पत्तों में लपेटकर परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और सुगंध बढ़ जाती है.
  • इसे प्यार से "पत्ता मिठाई" भी कहते हैं, क्योंकि पत्ते की प्राकृतिक सुगंध मिठाई में समा जाती है, जो इसे आकर्षक और मुलायम बनाती है.
  • सिंगोड़ी का इतिहास 1865 के आसपास का है, जब लाला जोगा साह ने अल्मोड़ा में इसे और बाल मिठाई को लोकप्रिय बनाया था.
  • साह परिवार की दुकानें आज भी पारंपरिक तरीके से सिंगोड़ी बनाती हैं, जिससे इसका प्रामाणिक स्वाद बरकरार रहता है और यह 3-4 दिनों तक खराब नहीं होती.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अल्मोड़ा की सिंगोड़ी, एक अनूठी पत्ते में लिपटी मिठाई, बाल मिठाई से परे एक समृद्ध स्वाद और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करती है.

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