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News1823-01-2026, 21:28

केमिकल से पके केले: ऐसे पहचानें 'मीठा जहर' और रहें स्वस्थ

  • केमिकल से पके केले चमकीले 'नियॉन' पीले दिखते हैं, लेकिन प्राकृतिक रूप से पके केलों पर भूरे या काले धब्बे होते हैं.
  • प्राकृतिक केलों में मीठी सुगंध होती है, जबकि केमिकल वाले केलों में कोई गंध नहीं होती या हल्की औषधीय गंध आ सकती है.
  • केमिकल से पके केलों का छिलका पीला होने पर भी डंठल अक्सर हरा रहता है; प्राकृतिक केलों का डंठल सूखा या काला होता है.
  • अंदर से, प्राकृतिक केले नरम और समान रूप से पके होते हैं, जबकि केमिकल वाले केले बाहर से पीले होने पर भी अंदर से सख्त, सफेद या सूखे हो सकते हैं.
  • ऐसे केले खाने से एसिडिटी, गले में खराश, पेट में जलन और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, खासकर खाली पेट खाने पर.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केमिकल से पके केले की पहचान रंग, गंध, डंठल और आंतरिक बनावट से करें ताकि स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके.

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