उत्तराखंड की पहाड़ी हल्दी: रंग, सुगंध और सेहत का एक अनमोल सुनहरा खजाना.
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पहाड़ों की हल्दी: रंग, सुगंध और सेहत का अनोखा खजाना, क्यों है यह इतनी खास.
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News18•20-02-2026, 09:59
पहाड़ों की हल्दी: रंग, सुगंध और सेहत का अनोखा खजाना, क्यों है यह इतनी खास.
•हिमालयी हल्दी अपने गहरे नारंगी रंग और तीखी, मिट्टी जैसी सुगंध से पहचानी जाती है, जिसमें सामान्य हल्दी की तुलना में अधिक करक्यूमिन (3-4% या अधिक) होता है.
•करक्यूमिन एक प्राकृतिक यौगिक है जो शरीर में सूजन को कम करने, संक्रमण से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है, इसे आयुर्वेद में एक शक्तिशाली दवा माना जाता है.
•पहाड़ी गांवों में महिलाएं इसे पारंपरिक तरीकों से तैयार करती हैं, जिससे इसके प्राकृतिक तेल और औषधीय गुण बरकरार रहते हैं, यह ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है.
•यह त्वचा, पेट और जोड़ों की समस्याओं के लिए अत्यधिक फायदेमंद है, इसे दूध के साथ पीने से सर्दी-खांसी में राहत मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
•हिमालयी हल्दी अब किसानों के लिए एक नकदी फसल बन रही है, इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है और यह पर्वतीय गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ा रही है, साथ ही उत्तराखंड के त्योहारों और अनुष्ठानों में इसका विशेष महत्व है.