Hindu Succession Act: कर्नाटक हाईकोर्ट के एक फैसले से हिन्‍दू उत्‍राधिकार कानून फिर से चर्चा में आ गया है.
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News1826-12-2025, 10:28

हिन्दू उत्तराधिकार कानून पर कर्नाटक HC का सवाल: शादी के बाद बेटी के अधिकार?

  • कर्नाटक हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से हिन्दू उत्तराधिकार कानून की समीक्षा करने को कहा है, जिसमें विधवाओं और माताओं के पैतृक संपत्ति अधिकारों में खामियां बताई गई हैं.
  • 1956 का यह कानून हिन्दू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के लिए संपत्ति विरासत के नियमों को एकीकृत करता है, जिसने महिलाओं को पहली बार कानूनी संपत्ति अधिकार दिए.
  • 2005 के संशोधन ने बेटियों को बेटों के समान पैतृक संपत्ति में जन्मसिद्ध अधिकार दिया, जिसमें कर्ता बनने का अधिकार भी शामिल है, पिता की मृत्यु की तारीख से स्वतंत्र.
  • यदि कोई हिन्दू पुरुष बिना वसीयत के मरता है, तो वर्ग-I के वारिसों (पत्नी, पुत्र, पुत्री, माता) को समान हिस्सा मिलता है; महिलाओं के लिए, संपत्ति पहले पति/बच्चों को जाती है.
  • कानूनी प्रगति के बावजूद, सामाजिक दबाव, जानकारी की कमी और लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं, जिससे महिलाएं अपने संपत्ति अधिकारों का पूरी तरह से उपयोग नहीं कर पाती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक HC ने हिन्दू उत्तराधिकार कानून में कमियां उजागर कीं, महिलाओं के संपत्ति अधिकारों में सुधार की मांग.

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