Budget 2026 introduces wide-ranging changes to provident fund taxation and TDS compliance.
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News1803-02-2026, 18:00

बजट 2026: पीएफ नियम सरल किए गए, टीडीएस सुधारों का विस्तार; अनुपालन होगा आसान.

  • नियोक्ता अब आयकर रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख तक जमा किए गए कर्मचारी पीएफ/ईएसआई योगदान के लिए कटौती का दावा कर सकते हैं, जिससे फंड-विशिष्ट समय-सीमा समाप्त हो गई है.
  • सभी सेवानिवृत्ति निधियों में नियोक्ता योगदान के लिए 7.5 लाख रुपये की एक समान वार्षिक सीमा निर्धारित की गई है; इससे अधिक की राशि कर योग्य होगी.
  • भविष्य निधि के लिए दोहरी मान्यता प्रणाली समाप्त कर दी गई है; केवल ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 की धारा 17 के तहत छूट प्राप्त फंड ही 'मान्यता प्राप्त' होंगे.
  • मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरणों से प्राप्त ब्याज के लिए टीडीएस छूट और टीडीएस प्रयोज्यता के लिए 'कार्य' की परिभाषा का विस्तार किया गया है.
  • छोटे करदाताओं को कम/शून्य टीडीएस प्रमाणपत्रों के लिए एक सरलीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया मिलेगी; 1 अक्टूबर 2026 से अनिवासी विक्रेताओं से संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्तियों/एचयूएफ के लिए टैन की आवश्यकता नहीं होगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 पीएफ योगदान और टीडीएस नियमों को सुव्यवस्थित करता है, जिससे नियोक्ताओं और करदाताओं पर अनुपालन बोझ कम होगा.

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