आधुनिक डेस्क जीवन तोड़ रहा आपकी रीढ़: न्यूरोसर्जन की चेतावनी.

जीवनशैली
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Moneycontrol•29-12-2025, 10:20
आधुनिक डेस्क जीवन तोड़ रहा आपकी रीढ़: न्यूरोसर्जन की चेतावनी.
- •डॉ. गौरव बत्रा, न्यूरोसर्जन, मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली, चेतावनी देते हैं कि आधुनिक डेस्क जीवन सभी उम्र में पीठ दर्द, गर्दन में अकड़न और रीढ़ की हड्डी में दर्द का कारण बन रहा है.
- •बैठे रहने की आदत, खराब मुद्रा और स्क्रीन की लत रीढ़ की मांसपेशियों को कमजोर करती है, डिस्क में रक्त प्रवाह कम करती है, जिससे दर्द और लचीलेपन में कमी आती है.
- •झुककर बैठना, आगे की ओर सिर झुकाना और लगातार फोन देखना अब मेडिकल रेड फ्लैग माने जाते हैं.
- •डॉ. बत्रा चेतावनी देते हैं कि वर्षों तक खराब मुद्रा को नजरअंदाज करने से रीढ़ की हड्डी में स्थायी विकृति आ सकती है, इसलिए रोकथाम इलाज से बेहतर है.
- •रोकथाम में नियमित व्यायाम, स्ट्रेचिंग, योग, हर 30 मिनट में खड़े होना, एर्गोनोमिक कुर्सियाँ और स्क्रीन समय सीमित करना शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आधुनिक गतिहीन आदतें और खराब मुद्रा रीढ़ को नुकसान पहुँचा रही है; रोकथाम स्थायी समस्याओं से बचने की कुंजी है.
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