Stress produces cortisol and that in turn negatively affects the pituitary-ovarian axis when it is overproduced, as it is supposed to regulate ovulation and menstruation.  (Picture Credit: Pexels)
जीवनशैली
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Moneycontrol26-12-2025, 11:51

कार्यस्थल का तनाव मासिक धर्म स्वास्थ्य को कर रहा है प्रभावित, स्त्री रोग विशेषज्ञ की चेतावनी.

  • कार्यस्थल का पुराना तनाव, करियर और व्यक्तिगत जीवन को संतुलित करना, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित मासिक धर्म का कारण बनता है.
  • डॉ. कीर्ति खेतान के अनुसार, कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन हाइपोथैलेमिक-पिट्यूटरी-ओवेरियन अक्ष को बाधित करते हैं, जिससे ओव्यूलेशन प्रभावित होता है.
  • लंबे समय तक काम, मल्टीटास्किंग, 'सेकंड शिफ्ट' की जिम्मेदारियां और खराब जीवनशैली हार्मोनल गड़बड़ी को बढ़ाती हैं.
  • अनियमित चक्र, गंभीर मुँहासे, मिजाज में बदलाव और थकान जैसे लक्षण अक्सर अनदेखी की जाने वाली चेतावनी के संकेत हैं.
  • व्यायाम, नींद, स्वस्थ आहार और माइंडफुलनेस के माध्यम से तनाव का प्रबंधन मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है; आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कार्यस्थल का पुराना तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़कर महिलाओं के मासिक धर्म स्वास्थ्य को प्रभावित करता है.

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