File photo of the Allahabad High Court. (News18 Hindi File)
भारत
N
News1812-01-2026, 23:24

इलाहाबाद HC का फैसला: शिक्षित पत्नी को भी भरण-पोषण का अधिकार, पति नहीं बच सकता

  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि एक पत्नी को केवल शिक्षित होने या व्यावसायिक कौशल रखने के आधार पर CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता है.
  • न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद ने कहा कि पति का अपनी पत्नी की योग्यता पर निर्भर होकर भरण-पोषण के अपने कानूनी दायित्व से बचना 'गलत' है.
  • अदालत ने जोर दिया कि पत्नी की कमाई की क्षमता वास्तविक लाभकारी रोजगार से अलग है, खासकर घरेलू कर्तव्यों और बच्चों की देखभाल में वर्षों बिताने के बाद.
  • उच्च न्यायालय ने बुलंदशहर परिवार न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसने पत्नी की भरण-पोषण याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें छिपी हुई योग्यताएं और पर्याप्त कारण के बिना अलग रहने का हवाला दिया गया था.
  • मामले को बुलंदशहर परिवार न्यायालय में एक महीने के भीतर एक नया, तर्कसंगत आदेश पारित करने के लिए वापस भेज दिया गया है, साथ ही बेटे को दिए गए 'मामूली' 3,000 रुपये पर भी ध्यान दिया गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शिक्षित पत्नी की कमाई की क्षमता पति के भरण-पोषण के कानूनी कर्तव्य को समाप्त नहीं करती है.

More like this

Loading more articles...