
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत एक बहू की अपने ससुराल वालों का भरण-पोषण करने की कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं है।
माता-पिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 144 के तहत भरण-पोषण मांग सकते हैं। यह प्रावधान अदालतों को आश्रित परिवार के सदस्यों, जिसमें माता-पिता भी शामिल हैं, के लिए भरण-पोषण का आदेश देने की अनुमति देता है।
उपलब्ध स्रोतों में इस बात की जानकारी नहीं है कि क्या यह निर्णय पारिवारिक कानून संबंधी विधान में बदलावों को प्रभावित करेगा।