The Chhattisgarh High Court made it clear that every child deserves protection, security, and financial support.
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News1803-02-2026, 14:44

अवैध बच्चे को भी पिता से भरण-पोषण का अधिकार: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि एक अवैध बच्चे को भी अपने पिता से भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार है.
  • यह मामला एक पिता द्वारा फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने से संबंधित था, जिसमें उसे शादी के पांच महीने बाद पैदा हुए बच्चे के लिए 1,000 रुपये मासिक भरण-पोषण का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था, पिता का दावा था कि बच्चा उसका नहीं है.
  • हाईकोर्ट ने पिता की याचिका खारिज कर दी, सीआरपीसी की धारा 125 का हवाला देते हुए, जिसका उद्देश्य बच्चों को परित्यक्त होने से रोकना है.
  • अदालत ने जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों का भरण-पोषण करने के लिए बाध्य हैं, चाहे वे वैध हों या अवैध, या वैवाहिक विवाद हों.
  • यह फैसला बाल कल्याण को मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करता है कि बच्चों के अधिकार सर्वोपरि हैं और भविष्य के भरण-पोषण मामलों के लिए स्पष्टता प्रदान करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बच्चे की वैधता या माता-पिता के विवादों के बावजूद पिता के भरण-पोषण के कर्तव्य की पुष्टि की.

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