राजस्थान हाईकार्ट (फाइल फोटो)
जयपुर
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News1812-02-2026, 08:13

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: वारिस होंगे संयुक्त किरायेदार, डिक्री सभी पर लागू.

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने 77 साल पुराने विवाद में फैसला सुनाया कि किरायेदार की मृत्यु के बाद वारिस संयुक्त किरायेदार होंगे, स्वतंत्र नहीं.
  • संयुक्त किरायेदारी में एक के खिलाफ बेदखली का आदेश सभी वारिसों पर लागू होगा, भले ही वे अलग से पक्षकार न हों.
  • मामला 1949 का है, जब मूल किरायेदार को 5 रुपये मासिक किराए पर संपत्ति दी गई थी; मकान मालिकों ने बेदखली के लिए याचिका दायर की थी.
  • रेंट ट्रिब्यूनल ने 2016 में बेदखली का आदेश दिया था, जिसे वारिसों ने अलग किरायेदार होने और मौखिक बिक्री का दावा कर चुनौती दी थी.
  • हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के फैसलों को बरकरार रखा, मौखिक बिक्री के दावे को खारिज किया और संयुक्त किरायेदारी के सिद्धांत को स्पष्ट किया.

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