₹130 से कम में प्रोबायोटिक पेय बदल रहे आधुनिक भारतीय भोजन का तरीका.

जीवनशैली
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News18•11-01-2026, 09:24
₹130 से कम में प्रोबायोटिक पेय बदल रहे आधुनिक भारतीय भोजन का तरीका.
- •₹130 से कम कीमत वाले प्रोबायोटिक पेय आधुनिक भारतीय भोजन का एक स्वाभाविक विस्तार बन रहे हैं, जो पोषण, परंपरा और स्वाद का मिश्रण हैं.
- •शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कांजी जैसे पारंपरिक किण्वित पेय को अतीत में निहित प्रगतिशील खाद्य विचारों के एक प्रमुख उदाहरण के रूप में उजागर किया.
- •कांजी स्वाद और कार्य का संतुलन प्रदान करता है, जो स्वच्छ सामग्री और प्रामाणिकता चाहने वाले Gen Z के ग्राहकों को आकर्षित करता है.
- •दरियागंज हॉस्पिटैलिटी के अमित बग्गा ने जोर दिया कि पारंपरिक भारतीय भोजन हमेशा संतुलन, पाचन और कल्याण को प्राथमिकता देता था, जिसमें लस्सी और मट्ठा जैसे पेय भोजन का अभिन्न अंग थे.
- •वेलनेस पेय में नई रुचि इस बात पर ग्राहकों के ध्यान को दर्शाती है कि भोजन उन्हें कैसा महसूस कराता है, जो भारतीय व्यंजनों के अंतर्निहित सिद्धांतों के अनुरूप है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किफायती, आंत-अनुकूल प्रोबायोटिक पेय परंपरा को आधुनिक कल्याण प्रवृत्तियों के साथ जोड़कर भारतीय भोजन को बदल रहे हैं.
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