भारत के फसल उत्सव: विविधता में एकता, प्रकृति के प्रति आभार

जीवनशैली
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Firstpost•09-01-2026, 16:59
भारत के फसल उत्सव: विविधता में एकता, प्रकृति के प्रति आभार
- •भारत भर में फसल उत्सव, भले ही नाम अलग हों, प्रकृति के चक्रों के प्रति कृतज्ञता और आश्वासन का एक सामान्य सार साझा करते हैं.
- •पंजाब और उत्तर भारत में मनाया जाने वाला लोहड़ी, अलाव, अनाज और गन्ने की भेंट के साथ प्रकृति के साथ आदान-प्रदान का प्रतीक है.
- •तमिलनाडु में पोंगल एक बहु-दिवसीय त्योहार है जो अनुष्ठानिक स्वच्छता, घरेलू नवीनीकरण और जानवरों को सह-श्रमिक के रूप में पहचानने पर जोर देता है.
- •मकर संक्रांति, खगोलीय गति से जुड़ा एक त्योहार है, जो लंबे दिनों के संक्रमण को दर्शाता है, जिसे पतंग उड़ाने, नदी स्नान और दान के साथ मनाया जाता है.
- •असम में बिहू, पूर्वी भारत में नबन्ना और ओडिशा में नुआखाई भूमि, पहचान और नए अनाज के नैतिक उपभोग के बीच गहरे संबंध को उजागर करते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के फसल उत्सव प्रकृति की प्रचुरता का जश्न मनाते हैं, समुदाय को बढ़ावा देते हैं और जीविका के लिए कृतज्ञता पैदा करते हैं.
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