पुरानी नींद की कमी: एक आधुनिक जीवनशैली महामारी जो स्वास्थ्य संकट को बढ़ावा दे रही है.

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News18•01-02-2026, 16:41
पुरानी नींद की कमी: एक आधुनिक जीवनशैली महामारी जो स्वास्थ्य संकट को बढ़ावा दे रही है.
- •लंबे काम के घंटे, देर रात स्क्रीन का उपयोग और लगातार डिजिटल उत्तेजना के कारण पुरानी नींद की कमी तेजी से एक जीवनशैली महामारी बन रही है.
- •डॉक्टरों ने लगातार थकान, मूड में गड़बड़ी, कम प्रतिरक्षा और हार्मोनल असंतुलन वाले रोगियों में वृद्धि की सूचना दी है, जो खराब नींद से जुड़े हैं.
- •अपर्याप्त नींद हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करती है, प्रतिरक्षा को कमजोर करती है, हृदय स्वास्थ्य के जोखिम को बढ़ाती है और संज्ञानात्मक गिरावट का कारण बनती है.
- •डिजिटल ओवरलोड, विशेष रूप से स्क्रीन से नीली रोशनी का संपर्क, मेलाटोनिन को दबाता है और मस्तिष्क को उत्तेजित रखता है, जिससे संकट बढ़ रहा है.
- •नींद की कमी मानसिक स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ी हुई है, जिससे चिंता, चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग और अवसाद का खतरा बढ़ जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुरानी नींद की कमी एक बढ़ती हुई सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मौलिक रूप से प्रभावित करती है.
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