Nutrition is not just about feeding children, but ensuring pregnant mothers also get enough nutrients during formative months
जीवनशैली
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News1822-01-2026, 13:35

भारत का छिपा कुपोषण संकट: जिला-स्तरीय अल्पपोषण पीढ़ियों को कर रहा है खतरे में

  • NFHS-5 (2019-21) के अनुसार, भारत में पांच साल से कम उम्र के 32.1% बच्चे कम वजन के हैं, जिसमें जिला स्तर पर महत्वपूर्ण असमानताएं हैं.
  • 100 से अधिक जिलों को 5 साल से कम उम्र के बच्चों में अल्पपोषण के लिए 'गंभीर' या 'बहुत गंभीर' के रूप में पहचाना गया है, कुछ क्षेत्रों में राष्ट्रीय औसत से 20-40% अधिक प्रसार है.
  • डॉ. विमल पाहुजा बताते हैं कि अल्पपोषण पुरानी पोषण संबंधी तनाव को दर्शाता है, जो सेलुलर और हार्मोनल अनुकूलन को प्रभावित करता है.
  • विरासत में मिली भूख (मातृ एनीमिया), लीकिंग गट (खराब स्वच्छता के कारण पर्यावरणीय एंटरोपैथी), और छिपी हुई भूख (कैलोरी सेवन के बावजूद सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी) का 'ट्रिपल थ्रेट' इस संकट को चला रहा है.
  • राष्ट्रीय औसत से परे इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए मातृ पोषण, सूक्ष्म पोषक तत्वों के सुदृढीकरण और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने वाले लक्षित, संदर्भ-विशिष्ट हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में जिला-स्तरीय अल्पपोषण एक गंभीर, पीढ़ी-दर-पीढ़ी खतरा है जिसके लिए लक्षित हस्तक्षेप आवश्यक हैं.

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