उत्पादकता का विरोधाभास: कैसे आधुनिक कार्य संस्कृति स्वस्थ खान-पान की आदतों को बिगाड़ रही है.

जीवनशैली
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CNBC TV18•31-01-2026, 15:02
उत्पादकता का विरोधाभास: कैसे आधुनिक कार्य संस्कृति स्वस्थ खान-पान की आदतों को बिगाड़ रही है.
- •आधुनिक पेशेवर अक्सर उचित भोजन छोड़ देते हैं, जिससे पर्याप्त कैलोरी सेवन के बावजूद कमी हो जाती है.
- •डॉक्टर युवा शहरी पेशेवरों में थकान, ब्रेन फॉग और आयरन, बी12 और डी जैसे पोषक तत्वों की कमी देखते हैं, जो कार्य अनुसूची से जुड़े हैं.
- •डब्ल्यूएचओ का कहना है कि शहरी आहार में परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और चीनी अधिक होती है, जिसमें सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होती है, जो भारतीय पेशेवरों को प्रभावित करती है.
- •तनाव या विचलित होकर खाने से पाचन खराब होता है, जिससे स्वस्थ भोजन से भी पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है.
- •अनियमित भोजन का समय और लगातार नाश्ता चयापचय को अस्थिर करता है, जिससे ऊर्जा, ध्यान और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आधुनिक कार्य संस्कृति उचित भोजन पर उत्पादकता को प्राथमिकता देती है, जिससे व्यापक पोषण संबंधी कमी और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं.
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