मेवात में सदियों पुरानी परंपरा जीवित: गेहूं की बालियों से बनती है चंगेरी.

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News18•20-02-2026, 22:08
मेवात में सदियों पुरानी परंपरा जीवित: गेहूं की बालियों से बनती है चंगेरी.
- •अलवर के मेवात क्षेत्र में गेहूं की बालियों से 'चंगेरी' बनाने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है.
- •फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च की शुरुआत में महिलाएं गेहूं की फसल से पतले डंठल तोड़कर घर लाती हैं.
- •चंगेरी रोटी रखने का एक पारंपरिक पात्र है, जो महिलाओं की कड़ी मेहनत और कौशल का प्रतीक है.
- •इसे बनाने की प्रक्रिया में डंठलों को साफ करना, रंगना, नरम करना और फिर उन्हें आकर्षक डिजाइनों में बुनना शामिल है.
- •चंगेरी में रखी रोटी लंबे समय तक नरम रहती है, जो इसकी व्यावहारिकता और ग्रामीण संस्कृति में महत्व को दर्शाती है.
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