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Moneycontrol07-01-2026, 13:47

इलाहाबाद HC: गुजारा भत्ता कमाई की हकीकत पर आधारित हो, न कि अनुमानों पर.

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक जूनियर वकील के गुजारा भत्ते को कम किया, वास्तविक कमाई को अनुमानों से अधिक महत्व दिया.
  • कोर्ट ने जिला अदालत के वकील हीरालाल के लिए मासिक राशि 5,000 रुपये से घटाकर 3,750 रुपये कर दी.
  • फैसले में जूनियर वकीलों और स्वरोजगार करने वालों की अस्थिर आय पर जोर दिया गया, कहा गया कि गुजारा भत्ता सिद्ध नकदी प्रवाह को दर्शाए.
  • यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को पुष्ट करता है, वैवाहिक विवादों में संतुलित दृष्टिकोण पर बल देता है.
  • पत्नी कमला देवी ने पति की संपत्ति का दावा किया, लेकिन स्थिर आय का कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अब अदालतें गुजारा भत्ता वास्तविक कमाई पर तय करेंगी, खासकर अस्थिर आय वालों के लिए.

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