बहू की किराये की आय HUF को हस्तांतरित करने पर कर निहितार्थ समझें.

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Moneycontrol•13-01-2026, 06:56
बहू की किराये की आय HUF को हस्तांतरित करने पर कर निहितार्थ समझें.
- •एक बहू अपनी संपत्ति से 50,000 रुपये मासिक किराये की आय अपने ससुर के HUF को हस्तांतरित करना चाहती है.
- •आयकर अधिनियम की धारा 60 के अनुसार, संपत्ति हस्तांतरित किए बिना आय हस्तांतरित करने पर, आय संपत्ति के मालिक (बहू) के लिए कर योग्य रहती है.
- •HUF द्वारा प्राप्त किराये की आय को एक निर्दिष्ट रिश्तेदार से उपहार माना जाएगा, जो धारा 56(2) के तहत HUF को उपहार पर कर दायित्व से छूट देता है.
- •उपहार में दी गई किराये की आय से किए गए निवेश से होने वाली आय भी बहू की आय के साथ क्लब की जाएगी.
- •यदि संपत्ति ही HUF को हस्तांतरित की जाती है, तो भी किराये की आय और बिक्री पर पूंजीगत लाभ पर क्लबिंग प्रावधान लागू होंगे, जिससे उन पर बहू के हाथों में कर लगेगा. हालांकि, इस क्लब की गई आय के पुनर्निवेश से होने वाली आय पर HUF के हाथों में कर लगेगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: संपत्ति हस्तांतरित किए बिना HUF को किराये की आय हस्तांतरित करने से क्लबिंग प्रावधान लागू होते हैं, जिससे आय बहू पर कर योग्य होती है.
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