Bombay High Court
भारत
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Moneycontrol17-02-2026, 18:28

बॉम्बे HC ने बेटों की बेदखली रद्द की: पिता खुद का भरण-पोषण करने में असमर्थता साबित नहीं कर पाए.

  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत दो बेटों के खिलाफ बेदखली के आदेश को रद्द कर दिया.
  • अदालत ने फैसला सुनाया कि यह अधिनियम तभी लागू होता है जब कोई वरिष्ठ नागरिक खुद का भरण-पोषण करने में असमर्थता साबित करे, जिसे पिता साबित नहीं कर पाए.
  • न्यायमूर्ति सोमशेखर सुंदरसन ने ट्रिब्यूनल के फैसले को रद्द कर दिया, यह देखते हुए कि पिता पेंशन प्राप्त कर रहे थे और उन्होंने अपने खर्चों का विवरण नहीं दिया था.
  • हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिक और संतान के बीच हर विवाद अधिनियम के उपचारात्मक क्षेत्राधिकार के अंतर्गत नहीं आता है.
  • पिता और बेटे अलग-अलग रहते थे, और संपत्ति पर वरिष्ठ नागरिक का कब्जा नहीं था, जिसके कारण बेदखली का आदेश रद्द कर दिया गया.

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