DPDP अधिनियम संविधान पीठ के समक्ष: निजता, जनहित और RTI का टकराव

भारत
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Moneycontrol•17-02-2026, 22:01
DPDP अधिनियम संविधान पीठ के समक्ष: निजता, जनहित और RTI का टकराव
- •सुप्रीम कोर्ट ने DPDP अधिनियम, 2023 और नियमों, 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं को पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेजा, लेकिन अंतरिम रोक से इनकार किया.
- •NCPRI, वेंकटेश नायक और द रिपोर्टर्स कलेक्टिव की याचिकाओं में तर्क दिया गया है कि DPDP अधिनियम की धारा 44(3) RTI में जनहित संतुलन को समाप्त करती है.
- •पत्रकारों को डर है कि अधिनियम के 'डेटा न्यासी' दायित्व और उच्च दंड खोजी पत्रकारिता और स्रोत संरक्षण में बाधा डालेंगे.
- •धारा 36 के तहत सरकार को बिना सुरक्षा उपायों के डेटा तक पहुंच की अनुमति देने और डेटा संरक्षण बोर्ड की स्वतंत्रता की कमी पर चिंताएं उठाई गईं.
- •यह मामला अनुच्छेद 19(1)(ए) की पारदर्शिता और अनुच्छेद 21 की निजता के बीच संतुलन स्थापित करेगा, अधिनियम की संवैधानिकता की जांच करेगा.
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