देर रात तक जागना: अपर्याप्त नींद के गंभीर परिणाम और विशेषज्ञ सलाह
Loading more articles...
नींद की कमी: मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, विशेषज्ञ चेताते हैं.
N
News18•15-03-2026, 16:45
नींद की कमी: मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, विशेषज्ञ चेताते हैं.
•लंबे समय तक नींद की कमी से थकान और एकाग्रता में कमी के अलावा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, जिससे मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ता है.
•वयस्कों को 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद की आवश्यकता होती है; इसका व्यवधान मस्तिष्क की जानकारी संसाधित करने और हार्मोन को विनियमित करने की क्षमता को प्रभावित करता है.
•डॉ. जुबैर सरकार के अनुसार, अपर्याप्त नींद मस्तिष्क को आराम और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को स्थिर करने से रोकती है, जिससे व्यक्ति चिंता और तनाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं.
•डॉ. विजय कुमार शर्मा बताते हैं कि स्मार्टफोन और लैपटॉप से निकलने वाली 'ब्लू लाइट' नींद-नियामक हार्मोन को बाधित करती है, जिससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है.
•विशेषज्ञों ने नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित नींद का समय, सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना और शांत नींद का माहौल बनाने की सलाह दी है.