क्या नींद की कमी से चिंता और अवसाद का खतरा बढ़ता है? विशेषज्ञ बताते हैं.
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नींद की कमी बढ़ाती है चिंता और डिप्रेशन का खतरा: विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं.
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News18•13-03-2026, 10:49
नींद की कमी बढ़ाती है चिंता और डिप्रेशन का खतरा: विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं.
•लगातार नींद की कमी मस्तिष्क को ठीक होने से रोकती है, जिससे भावनाओं का नियमन और मूड-स्थिर करने वाले रसायन बाधित होते हैं, चिंता और तनाव बढ़ता है.
•डिजिटल आदतें, खासकर सोने से पहले स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी, नींद के हार्मोन में बाधा डालती हैं, जिससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है और सोने में अधिक समय लगता है.
•नींद की कमी शारीरिक तनाव को बढ़ाती है, भावनात्मक लचीलेपन को कमजोर करती है और चिंता व उदासी जैसे लक्षणों को अधिक स्पष्ट करती है.
•विशेषज्ञ नींद की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित नींद का समय, स्क्रीन टाइम कम करना, हल्का भोजन, नियमित व्यायाम और शांत नींद का माहौल बनाने की सलाह देते हैं.
•भावनात्मक स्थिरता, याददाश्त, एकाग्रता और समग्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है.